कल दुर्जन सिह की हवेली के चोकीदार मिले थे , हाल - चाल पूछा तो बिलख पड़े "बोले काहे की लव मैरिज किया दोउन लल्ला के तो वाट लग गई ,फिलिम में हैप्पी एंडिंग तो दिखा देइ पर आगे की हमई जानत है भइया । शादी के बाद करण और अर्जुन तो दिन भर लगे रही अपनी- अपनी लुगाई के पीछू -पीछू और अइसे पगला गए थे, सब कछु नीलाम करा देई ,बड़की मालकिन भी बुढ़िया गई थी लेकिन पैसा उड़ने में एक्को कसार न छोड़ी ,दो-दो टेम ब्यूटी पार्लर घूमती मिरसिडीज में....बस अब तो का बताएं भईया एकइ हवेली बची ऊ पर भी लोन उठा लेइ, अब हालात वापस वही हो गया जो फिलिम के बीच में था , गाँव में भी कछु बदलाव ना भयो , तरक्की के नाम पर सरपंच ने रास्ते में पत्थर डलाये तो उठाकर गाँव वालों ने घर बना लिए हालात वइसे के वइसे, हाँ एको ऊ कौने पर SBI का बैंक खुला था ,सबहि को बोला मोदी को जिताओ पइसा आएगा -पइसा आएगा ,ऊ चक्कर में सारे गाँव का फुद्दू कट गया , बुढ़िया तो आज भी फ़टे हाल हाथ में पासबुक लिए चक्कर मरती हुई चिल्लाती है "मेरे पैसे आएंगे - मेरे 15 लाख आएंगे ",
लेकिन आवेंगे कहाँ से पइसा तो माल्या विदेश ले भागा.... काली माता का मंदिर आज भी वहीँ है , एक्को दफा अर्जुन जी वहां से पुजारी की नई चप्पलें ले दौड़े और ऊ के पीछू पीछू त्रिशूल लेइ के पुजारी....लेकिन बीच में ही कारण भाऊ ने पुजारी को जे घप्पी डाल के पकड़ा और जोर से चिल्लाये - "भाग अर्जुन भाग - भाग अर्जुन भाग" गाँव वालन के आंसू टपक पड़े बोले "बन्दा दिवालिया हुई गया पर आज भी करेक्टर में है"
करण बेटा तो कल हमई से बीड़ी मांग रहा था ,हम बोले लल्ला बड़े आदमी हो बीड़ी काहे फूँकोगे ,कहन लगे जबई इतनी जायदाद फूंक दिए बीड़ी में का है.....
भइया हमसे अब ई सब नही देखा जात है हम जा रहे हैं आज BPL कार्ड बनवाने .....चलते हैं शुक्रिया "

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